पर्वत संकल्प
उत्तराखण्ड

मुनकटिया में आये दिन बंद हो रहा सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटरमार्ग

-बद्रीनाथ हाईवे का सिरोबगड़ डेंजर जोन भी बन रहा जानलेवा
-आये दिन घंटों तक बाधित हो रही है चारधाम यात्रा
-खतरे के निशान पर बह रही अलकनंदा व मंदाकिनी
-बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर हो रहे भूस्खलन से चारधाम यात्री परेशान

रुद्रप्रयाग, आजखबर। पहाड़ों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदी विकराल रूप धारण करके बह रही है, वहीं बद्रीनाथ व केदारनाथ हाईवे पर भी जगह-जगह बोल्डर व मलबा गिर रहा है, जिस कारण चारधाम यात्रियों को भी भारी परेशानियों को सामना करना पड रहा है। केदारनाथ हाईवे पर मुनकटिया में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला लजगातार जारी है, जिससे केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में ही रोका जा रहा है। वहीं बदरीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में बंद हो रहा है। राजमार्गों को खोलने को लेकर एनएच विभाग की ओर से कार्यवाही गतिमान है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मानव जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है।
मौसम विभाग ने दो दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और बारिश के अलावा भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा व मंदाकिनी नदी उफान पर बह रही हैं। रुद्रप्रयाग स्थित संगम स्थल का निचला हिस्सा पूरी तरह जलमग्न हो गया है। बारिश और भूस्खलन में सबसे अधिक दिक्कतें चारधाम यात्रियों को हो रही हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर पहाड़ों से लगातार गिर रहे बोल्डर के कारण यात्रियों को जगह-जगह फंसना पड़ रहा है। केदारनाथ हाईवे के सोनप्रयाग-गौरीकुण्ड के बीच मुनकटिया में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। यहां पर पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरा है, जिस कारण प्रशासन को कुछ घंटों के लिये तीर्थ यात्रियों को रोकना पड़ रहा है और मौसम साफ होने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जा रहा है। हर दिन राजमार्ग के मुनकटिया में मार्ग बंद होने से तीर्थ यात्री खासे परेशान है। इसके साथ ही गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग भी जानलेवा बना हुआ है। पैदल मार्ग के जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। तीर्थ यात्रियों को जान हथेली पर रखकर यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं बद्रीनाथ हाईवे भी सिरोबगड़ में खतरनाक बना हुआ है। यहाँ पर भी ऊपरी पहाड़ी से भूस्खलन जारी है। बीते तीन दशक से सिरोबगड़ की पहाड़ी बरसाती सीजन में चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं और रुद्रप्रयाग व चमोली की जनता के लिए सर दर्द बन जाता है, जिसका आज तक अस्थाई समाधान नहीं हो पाया है।

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