पर्यावरण व यमुना घाटी जल विद्युत परियोजना के दुश्मन बने विकास नगर के ग्राम पंचायत ढकरानी में लगे नियम विरुद्ध स्टोन क्रशर
मामला है तहसील विकासनगर की ग्राम पंचायत ढकरानी का जहां राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नियमों की खुली धज्जियां उड़ाकर आसन वेटलैंड प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध स्टोन क्रेसर जोन बाहरी प्रदेश के खननमाफिया द्वारा संचालित किया जा रहे हैं यदि बात की जाए नियमों की आसन वेटलैंड क्षेत्र से 10 किलोमीटर की परिधि में किसी भी तरह के खनन कार्य को प्रतिबंधित किया गया है उक्त स्टोन क्रेशरो में मानको से तीन गुना अधिक खनन सामग्री यमुना नदी से चुराकर एकत्रित की गई है जिसे उक्त स्टोन क्रेसरो मे दिन रात पीसकर शक्ति नहर के क्षतिग्रस्त पुलों से सैकड़ो डंपरो से देहरादून पहुंचाया जा रहा है जिस ढकरानी शक्ति नहर के क्षतिग्रस्त पुल से उक्त खनन समरी को ढोया जा रहा है उक्त पुल के रेट्रो फिटिंग वर्क की मियाद भी इस बरसात में पिछले माह समाप्त हो चुकी है ओवरलोड अवैध खनन से भरे वाहन उक्त पुल पर लाइन लगाकर पार्किंग जोन बनाकर खड़े रहते हैं जिससे पुल किसी भी समय क्षतिग्रस्त हो सकता है परंतु जिम्मेदार प्रशासन पूरे प्रकरण पर धृतराष्ट्र बनकर बैठा हुआ है प्रदेश की महत्वपूर्ण परियोजना का उक्त पुल खनन माफिया की भेंट चढ़ जाएगा आखिर कौन सी अदृश्य ताकत है जो उक्त पूरे अवैध कार्य का संचालन करवा रही है जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हुए हैं क्रेसरो से निकलने वाला गंदा पानी किसानों की फ़सल व जलीय जीवो को बर्बाद कर रहा है जिससे किसानो की आजीविका का एकमात्र साधन समाप्त होने की कगार पर है वही ओवरलोड खनन से भरे सैकड़ो ट्रक डंपर यमराज का रूप लेकर पछवादून सड़कों पर दौड़ रहे हैं अधिकांश वाहनों में नंबर प्लेट भी नहीं है जिससे हादसे के बाद उक्त मामले पर लीपा पोती करने के लिए प्रशासन को आसानी होती है अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा लेकर इतश्री कर लीं जाती है वहीं पूरे प्रकरण पर जिला खान अधिकारी ऐश्वर्या का संरक्षण उक्त अवैध कार्य को प्राप्त है अब देखना यह होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद कोई कार्यवाही उक्त अवैध कार्य पर होगी या फिर माफिया मस्त प्रशासन पस्त जनता त्रस्त रहेगी
