पर्वत संकल्प
उत्तराखण्ड

मानसून में वॉशिंग मशीन का ऐसे रखें ध्यान, कपड़ों में नहीं आएगी सीलन की बदबू

बरसात के मौसम में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है, जिसका असर वॉशिंग मशीन पर भी पड़ता है। धुलाई के बाद मशीन के अंदर बची नमी जल्दी नहीं सूखती और लंबे समय तक बनी रहती है। इससे ड्रम, रबर सील और डिटर्जेंट ट्रे में फफूंदी, बैक्टीरिया और बदबू बनने का खतरा बढ़ जाता है। इसका असर मशीन के साथ-साथ कपड़ों की सफाई और उनकी खुशबू पर साफ दिखाई देने लगता है।
धुलाई के बाद यह काम जरूर करें
विशेषज्ञों की सलाह है कि हर धुलाई के बाद वॉशिंग मशीन का दरवाजा और डिटर्जेंट ट्रे कुछ घंटों के लिए खुली छोड़ दें। इससे अंदर की नमी आसानी से बाहर निकल जाती है और हवा का प्रवाह बना रहता है। दरवाजा बंद करने से पहले रबर की सील को सूखे और साफ कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें। टॉप-लोड मशीन इस्तेमाल करने वाले लोग भी धुलाई के बाद कुछ समय तक ढक्कन खुला रखें।
समय-समय पर करें मशीन की सफाई
हर दो से तीन सप्ताह में बिना कपड़ों के गर्म पानी के साथ वॉशिंग मशीन क्लीनर चलाना फायदेमंद माना जाता है। इससे अंदर जमी गंदगी, फफूंदी और बैक्टीरिया साफ होने में मदद मिलती है। मशीन को हमेशा हवादार जगह पर रखें और ऐसी जगह लगाने से बचें, जहां सीधे बारिश या अधिक नमी का असर पड़ता हो। इससे वॉशिंग मशीन काफी लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनी रहती है।
इन छोटी सावधानियों से बचेंगे बड़े खर्च से
वॉशिंग मशीन के बिजली कनेक्शन, पावर सॉकेट और अर्थिंग की समय-समय पर जांच कराते रहें, ताकि नमी से होने वाली खराबी से बचा जा सके। अगर मशीन से बदबू आने लगे, पानी ठीक से बाहर न निकले या कोई दूसरी समस्या दिखे तो तुरंत जांच कराएं। समय पर सर्विस कराने से छोटी खराबी बड़ी नहीं बनती और मशीन की कार्यक्षमता तथा उम्र दोनों लंबे समय तक बेहतर बनी रहती हैं।

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