पर्वत संकल्प
उत्तराखण्ड सेहत

सेहत : केला एक प्रकृति का सुपरफूड, जो हर उम्र में रखे सेहत का ख्याल

 

 

केला भारत के सबसे प्राचीन और पोषक फलों में से एक माना जाता है। यह सिर्फ स्वादिष्ट फल नहीं है, बल्कि एक ऊर्जा-पोषण-उपचार त्रिवेणी है। आयुर्वेद के अनुसार, केला मधुर, गुरु, शीतल, बल्य, पित्त-शामक, वात-नाशक और ओज-वर्धक होता है, इसलिए इसे सर्वगुण संपन्न फल भी कहा जाता है। यह सस्ता, आसानी से उपलब्ध और हर आयु के लिए सुरक्षित है। खासकर बच्चों, छात्रों, एथलीट्स, बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, एनीमिया और पाचन कमजोरियों वाले लोगों के लिए केला तुरंत ऊर्जा देने वाला सुपरफूड है। केला खाने के कई खास तरीके हैं। अगर हल्की गैस, कब्ज या अपच हो तो केले पर चुटकीभर काला नमक डालकर खाने से आमपित्त शांत होता है और अग्नि संतुलित रहती है। थकावट या कमजोरी में गुनगुना दूध और केला अच्छा ऑप्शन है। यह मांसपेशियों के लिए पोषक माना जाता है। पेट की जलन या अल्सर में थोड़ी मिश्री के साथ केला खाना अच्छा होता है। कमजोरी महसूस हो तो केला और शहद का सेवन करें, यह शरीर में ओज बढ़ाता है और इम्युनिटी मजबूत करता है। नींद न आने की समस्या हो तो केला और गर्म दूध बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इसमें ट्रिप्टोफैन और मेलाटोनिन मिलकर अच्छी नींद लाते हैं। यह महिलाओं व छात्रों के लिए विशेष लाभकारी है। एथलीट्स के लिए केला काफी फायदेमंद होता है और थकान तुरंत दूर करता है। त्वचा के लिए पका केला और दही का फेस पैक बनाकर लगाने से नमी, निखार और कोमलता आती है।
आंतों की सफाई के लिए सुबह खाली पेट 1-2 केले खाने से डिटॉक्स होता है। केला गर्भवती महिलाओं के लिए भी गर्भ-पोषण फल माना गया है। यह शरीर में प्राकृतिक रूप से सेरोटोनिन बढ़ाता है, जिससे मूड अच्छा रहता है। केला हर उम्र और हर परिस्थिति में प्राकृतिक सुपरफूड है, लेकिन रात में देर से खाने या अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। इससे भारीपन महसूस होता है।

Related posts

अधिकृत वित्त समिति की बैठक में विकास परियोजनाओं को मिली स्वीकृति  

admin

सर्दियों के लिए बेहतरीन हैं इन 5 फैब्रिक के कपड़े, खरीदते समय रखें ध्यान

admin

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में 147 करोड़ 28.56 लाख की 40 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

admin

Leave a Comment