देहरादून(आरएनएस)। पॉश इलाके किशनपुर में करोड़ों रुपये की दो बीघा जमीन फर्जीवाड़े से बेच दी गई। पीड़ित के विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में पीड़ित की तहरीर पर राजपुर थाना पुलिस ने 17 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। राजपुर थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया कि बिजनौर निवासी आबिद बेग के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक गौरव कुमार निवासी राजपुर ग्रीन सोसाइटी ने तहरीर दी। बताया कि किशनपुर में आबिद बेग के पूर्वज अब्दुल रहमान बारी और पिता यूनिस बेग के नाम जमीन थी। साल 2014 में मार्किन परिवार ने इस भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास किया। जिस पर सिविल जज के न्यायालय में केस दायर हुआ। वर्ष 2018 में हुए समझौते के तहत आबिद बेग को 1367 वर्ग मीटर जमीन दक्षिण दिशा मिली और तब से वह इस पर काबिज हैं। आरोप है कि वर्ष 2022 में राजेश मार्किन व अन्य ने फिर से अतिक्रमण की कोशिश की। जिस पर आबिद बेग ने दोबारा न्यायालय में अपील की। इसी दौरान मार्किन परिवार ने दावा किया कि वे सात बीघा जमीन अलग-अलग लोगों को बेच चुके हैं। जबकि उनके नाम पर पांच बीघा जमीन दर्ज थी। इसमें पीड़ित के हिस्से की जमीन पर कब्जा दिया गया। एसओ पीडी भट्ट ने फर्जीवाड़े में 18 लोगों पर आरोप लगाया गया है। उनके खिलाफ सोमवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा: राजेश मार्किन, विनीत मार्किन, मोहक मार्किन, राजेंद्र कुमार मार्किन, पूजा कपूर पत्नी राजेश कपूर, उपासना वर्मा पत्नी पंकज वर्मा, आंचल तिवारी पत्नी आशीष तिवारी, मुस्कान मार्किन और निकिता मार्किन निवासी देहरादून शामिल रहे। इसके विवादित जमीन को खरीदने में गरिमा जैन इसके पति शुभम जैन, राहुल जैन पुत्र प्रदीप कुमार जैन, रेखा जैन पत्नी प्रदीप कुमार जैन निवासी कोचर कॉलोनी, राजपुर रोड, लीना सचदेवा व अमित सचदेवा निवासी बसंत विहार, रेलवे रोड, ज्वालापुर, हरिद्वार, मोहित ढींगरा निवासी पीरवाली गली, आशया नगर, ज्वालापुर, हरिद्वार, गगन नारंग निवासी मिस्सरवाला, डोईवाला और अन्य अज्ञात आरोपी है.
दस्तावेजों की हो रही जांच; राजपुर थाना पुलिस का कहना है कि न्यायालय के पुराने आदेशों, 2018 के समझौते और रजिस्ट्री के सभी दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग की मदद से भी जमीन का सीमांकन और रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
