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अल्मोड़ा(आरएनएस)। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार से ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा की अध्यक्षता में एक वृहद कार्यशाला आयोजित की गई। परियोजना निदेशक डीआरडीए के.एन. तिवारी ने बताया कि 1 जून से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण के लिए अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना, सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। अभियान के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, कचरे के स्रोत पर पृथक्कीकरण और स्वच्छता परिसंपत्तियों के संचालन एवं रखरखाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान किया। अभियान के पहले दिन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी देने, अपशिष्ट उत्पादकों की पहचान करने तथा चार स्तरीय कचरा पृथक्कीकरण के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही पुराने कचरा डंप स्थलों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की गई। 2 जून को ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जाएंगी और प्लास्टिक कचरे के समुचित निस्तारण पर जोर दिया जाएगा। 3 जून को ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले स्रोतों की पहचान कर सूची तैयार की जाएगी। 4 जून को वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जल स्रोतों की सफाई तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वहीं 5 जून को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नियमावली तैयार करने, जनभागीदारी बढ़ाने और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने पर चर्चा की जाएगी।
