श्रीनगर गढ़वाल(आरएनएस)। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वीत से कीर्तिनगर तक कई जगहों पर गड्ढे होने से आमजन की परेशानी बढ़ने लगी है। इतना ही नहीं आते जाते राहगीर गड्ढों के ऊपर वाहनों में हिचकोले तक खाने को मजबूर हैं। कई बार तो दुपहिया वाहन राजमार्ग पर बने गड्ढों में दुर्घटना का शिकार तक हो जा रहे हैं। साथ ही पैदल चलने वाले लोगों के लिये बारिश होते ही यह गड्ढे जलभराव की स्थिति में मुसीबत बन जाते हैं। पार्षद सूरज नेगी, स्थानीय लाल सिंह नेगी, बिरेन्द्र सिंह, सोहन सिंह, दिनेश भट्ट और मुकेश पुरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह गड्ढों के होने से आमजनमानस सहित यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि श्रीनगर से श्रीकोट बेस हॉस्पिटल जाने में वाहनों का उपयोग करने के बावजूद भी सड़क के दोनों ओर वाहनों के जमावड़े और गड्ढों से बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।बताया कि श्रीकोट स्थित गैस गोदाम के पास रेलवे टनल का कार्य निर्माणाधीन होने से हाईवे की सबसे बुरी स्थिति है। इसी जगह पर खनन के लोडर ट्रकों की आवाजाही होने से अधिकांश जगहों पर गीली मिट्टी राजमार्ग पर चिपक जाती है। धूप लगते ही धूल उड़ने से नजदीकी संचालित स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों और आसपास के घरों में बीमारी का डर भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने एनएच लोनिवि के अधिकारियों से जल्द गड्ढों को भरने व चारधाम यात्रा के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति सुधारने की मांग की है।कहा कि प्रशासन मामले में कार्यवाही नहीं करता है तो जनता आंदोलन के लिये बाध्य होगी।
इधर, एनएच लोनिवि अधिशासी अभियंता राजवीर चौहान ने बताया कि राजमार्ग पर हेवी ट्रकों की आवाजाही से बने गड्ढे कई बार भरे तो गये हैं, लेकिन रेलवे निर्माण कार्य और अन्य लोडर ट्रकों के चलने से यह स्थिति सामने है। कहा कि राजमार्ग पर धूल से बचने के लिये किया जा रहा पानी का छिड़काव बिछाये गये डामर को उखाड़ देता है। कहा कि आमजन और यात्रा को देखते हुए गड्ढ़ो की समस्या का निदान किया जाएगा। जल्द रेलवे अधिकारियों से बैठक कर निर्णय लेंगे।
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