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किस तरह के खाने से सबसे ज्यादा बढ़ता है मोटापा जरूर जान लें जवाब

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने मोटापा को एक महामारी की तरह घोषित किया है. यह कोई भी उम्र, जाति या लिंग नहीं देखती बल्कि यह किसी को भी हो सकती है. कोविड महामारी के बाद से इस गंभीर बीमारी ने बच्चों को काफी ज्यादा प्रभावित किया है. इसलिए इससे बच्चों और नौजवानों को बचकर रहने की ज्यादा जरूरत है. मोटापा के कारण इंसान की इम्युनिटी कमजोर होती है. साथ ही साथ ऑर्गन फेल होने की संभावना भी बढ़ जाती है. आज हम बात करेंगे किस तरह के खाने से मोटापा बढ़ता है.
मोटापा किसे कहते हैं
मोटापे को आमतौर पर शरीर में बहुत ज़्यादा चर्बी होने के रूप में कहा जाता है. वयस्कों में मोटापे के लिए 30 या उससे ज़्यादा का बीएमआई सामान्य मानक है. मोटापे से गंभीर चिकित्सा स्थितियों का जोखिम बढ़ जाता है. उपचार में आपके खाने-पीने की आदतों में बदलाव, शारीरिक गतिविधि और मानसिक स्वास्थ्य सहायता शामिल है. जिस खाने में कैलोरी ज्यादा होती है जैसे जंक फूड, जिसे फैट काफी ज्यादा होता है उसे खाने से मोटापा बढ़ता है.
मोटापे का सबसे बड़ा कारण
पैकेज्ड फूड्स का ज्यादा सेवन
बचपन में मोटापा होना कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है. इसकी वजह से कम उम्र में ही डायबिटीज, हार्ट डिजीज और सांस की समस्या हो सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत के बच्चों का खानपान बिगड़ रहा है, वो बाहर का ज्यादातर खाना खाते हैं. पैकेज्ड फूड्स का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जो उन्हें मोटा बना रही है. अध्ययनों से पता चला है कि भारत के बच्चों के लिए कई पैकेज्ड फूड्स में चीनी की मात्रा पश्चिमी देशों की तुलना में ज्यादा होती है, जो बच्चों में मोटापे का प्रमुख कारण बन रही है.
जंक फूड्स
आजकल बिजी लाइफस्टाइल की वजह से कई पैरेंट्स अपने बच्चों को जंक फूड्स और पैकेज्ड फूड खिला रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें संतुलित भोजन नहीं मिल पाता और पौष्टिकता की कमी से उनमें मोटापा बढ़ रहा है.
बच्चों में मोटापा बढऩे से क्या खतरा
कई बीमारियां हो सकती हैं
मेंटल हेल्थ प्रभावित हो सकता है
भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है
अतिरिक्त वजन बढ़ सकता है
मोटापे की वजह से उनका मजाक बनाया जा सकता है, जिससे डिप्रेशन और सेल्फ कॉन्फिडेंस गिरता है
बच्चों को मोटापे से बचाने क्या करें
1. पैकेज्ड और जंक फूड्स से बचाएं
2. खाने में जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर दें.
3. हरी सब्जियां और ताजे फल खिलाएं.
4. घर पर बना खाना ही बच्चों को खिलाएं.
5. दिन में ज्यादा से ज्यादा पाी पीने के लिए प्रोत्साहित करें
6. कोल्ड ड्रिंक्स या दूसरी मीठी चीजें खाने से बचाएं.बचपन में मोटापा होना कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है. इसकी वजह से कम उम्र में ही डायबिटीज, हार्ट डिजीज और सांस की समस्या हो सकती है. मोटापे की वजह से बच्चों में डिप्रेशन भी बढ़ सकता है.

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