नई दिल्ली: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 17 सितंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली सरकार की लगभग ₹1,723 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ‘सेवा पखवाड़ा’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित थे।
सेवा पखवाड़ा और राष्ट्र निर्माण की परंपरा

श्री शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए की। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तो उनके जन्मदिन को ‘सेवा पखवाड़ा’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। पिछले 11 वर्षों से, यह परंपरा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे देश में मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में न केवल स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं, बल्कि गरीबों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं भी शुरू की जाती हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने भी इसी परंपरा का पालन करते हुए 17 जन कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया है।
भेदभाव-मुक्त विकास और गरीबों का सशक्तिकरण
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, भारत में 60 करोड़ गरीब नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मिली हैं, और 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। उन्होंने दिल्ली में पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में भेदभाव करती थीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी पूरे देश को अपना परिवार मानते हैं और बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए काम करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई ₹5 लाख तक की स्वास्थ्य बीमा योजना को दिल्ली में लागू न करने का भी उदाहरण दिया।

ऐतिहासिक उपलब्धियाँ और प्रगतिशील भारत का संकल्प
गृह मंत्री ने मोदी सरकार की कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिनमें अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार, और करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण शामिल है। उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 24 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में एक दिन भी छुट्टी नहीं ली, जिसका परिणाम यह है कि भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसका लक्ष्य 2027 तक इसे तीसरे स्थान पर पहुंचाना है।
आत्मनिर्भर भारत और घुसपैठियों पर सरकार का रुख
इस अवसर पर, श्री शाह ने दिल्ली के नरेला-बवाना और ओखला में नए अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्रों का भी उद्घाटन किया। इन संयंत्रों से 5,000 मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण करके बिजली बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल दिल्ली को ‘कूड़े के ढेर’ से शर्मसार होने से बचाएगी और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देगी।

उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी वस्तुओं को खरीदने का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि यह एक समृद्ध भारत की नींव है।
अमित शाह ने मतदाता सूची को शुद्ध करने और घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया का समर्थन किया। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल पर हमला करते हुए कहा कि वे “घुसपैठिया बचाओ यात्रा” निकालकर घुसपैठियों के बल पर चुनाव जीतना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार को इस देश की जनता पर विश्वास है, जबकि विपक्ष को नहीं।
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