मेरठ 12 सितंबर (आरएनएस )। ब्रह्मपुरी और देहलीगेट थाने की सीमा में पड़ने वाले कबाड़ी बाजार में देह व्यापार हो रहा था। स्थानीय पुलिस से लेकर एएचटीयू और जनपद में किसी जिम्मेदार को इसकी भनक नहीं लगी। प्रोबेशन विभाग भी कोठों के अवैध संचालन से अनजान बना रहा। सवाल यह है कि संबंधित लोग वास्तव में अनजान थे या जानकर भी अनजान बने रहे।
दिल्ली की एनजीओ ने रेकी कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी के सामने साक्ष्य पेश किए। तब उन्होंने कोठों पर छापामारी के आदेश दिए। डीएम और एसएसपी ने जिस्मफरोशी मामले में पुलिस और प्रोबेशन विभाग की भूमिका पर जांच बैठा दी है।
2019 में कबाड़ी बाजार के सभी कोठों को हाईकोर्ट के आदेश पर बंद कराया गया था। सभी महिलाएं यहां से दिल्ली भेज दी गई थीं। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में चलता रहा। 2023 में कोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन ने 15 कोठे इस शर्त पर शुरू करा दिए थे कि इनमें कोई अनैतिक काम नहीं होगा। फिर भी पांच कोठों में जिस्मफरोशी शुरू कर दी गई। राजस्थान से लेकर नेपाल और दार्जिलिंग तक की लड़कियां यहां लाई गईं। चार नाबालिग लड़कियों से भी जिस्मफरोशी कराई जा रही थी। पकड़ी गई कुछ लड़कियां पहले भी जिस्मफरोशी में जेल जा चुकी हैं।
छापामारी के दौरान महिलाओं ने किया हंगामा
कबाड़ी बाजार में पुलिस छापामारी के दौरान महिलाओं ने हंगामा कर दिया। उसके बाद पुलिस लाइन से महिला पुलिस बुलानी पड़ी। वज्र वाहन बुलाकर महिलाओं को कबाड़ी बाजार से निकाला जा सका। कबाड़ी बाजार में छापामारी के दौरान एएचटीयू, ब्रह्मपुरी और देहलीगेट पुलिस को अलग रखा गया है। सीओ ब्रह्मपुरी भी इस टीम में शामिल नहीं की गईं। कप्तान ने कैंट सीओ नवीना शुक्ला के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी और पुलिस लाइन से टीम देकर छापामारी कराई हैं। एसएसपी का कहना है जिस्मफरोशी में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
पांच साल पहले बंद हुए कबाड़ी बाजार के कोठों में जिस्मफरोशी की जा रही थी। दिल्ली के मिशन मुक्ति एनजीओ की रेकी के बाद एसएसपी ने टीम बनाकर छापामारी कराई। पांच कोठों से 25 लड़कियां बरामद की गईं। इनमें चार नाबालिग हैं। एक ग्राहक समेत पांच युवकों को भी गिरफ्तार किया गया। ब्रह्मपुरी थाने में सभी के खिलाफ जिस्मफरोशी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
