देहरादून(आरएनएस)। नैनीताल निवासी रिटायर्ड कुलपति को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.47 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में दो आरोपियों को एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने पीड़ित को महाराष्ट्र साइबर क्राइम विभाग का अफसर बनकर बात की और मनी लॉड्रिंग के केस में फंसे होने पर गिरफ्तारी का डर दिखाया था। एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने शनिवार को मामले का खुलासा किया। एसएसपी भुल्लर ने बताया कि पीड़ित रूहेलखंड विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में कुलपति रह चुके हैं। शिकायतकर्ता ने अगस्त में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अगस्त में एक व्यक्ति ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल की और खुद को साइबर क्राइम का अधिकारी बताया। कहा कि उनके नाम से खुले खाते में मनी लांड्रिंग के तहत 60 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। उनके खातों का वैरिफिकेशन करना होगा। सहयोग नहीं करने पर मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की चेतावनी दी। इसके बाद 12 दिनों तक उन्हें व्हाट्सएप कॉल पर रहने के लिए कहा गया, किसी को भी इस बारे में जानकारी नहीं देने की धमकी दी। आरोप था कि इस दौरान पूर्व कुलपति के बैंक खातों से 1.47 करोड़ रुपये की धनराशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई। एसटीएफ ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक अरूण कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की। अपराध में प्रयुक्त बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप की जानकारी जुटाई गई। इसमें एक मोबाइल नंबर की लोकेशन दिल्ली में मिली। पुलिस ने करोलबाग दिल्ली स्थित कृष्णा स्टे पीजी गेस्ट हाउस में दबिश दी। यहां से आरोपी मोहम्मद सैफ निवासी राजाजीपुरम हन्नी अपार्टमेंट बुद्धस्वर थाना दुबक्का लखनऊ, शकील अंसारी निवासी विशनपुर पोस्ट ग्वालखोमीकर थाना बराहरूबा जिला साहबगंज झारखंड को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 09 मोबाइल, 14 सिम कार्ड, तीन चैक बुक, डेविड कार्ड, पासपोर्ट आदि बरामद हुए। एसएसपी ने बताया कि मामले में एक आरोपी राजेंद्र कुमार निवासी लक्खीबंस थाना रादौर जिला यमुनानगर हरियाणा को 31 अगस्त को सोलन हिमाचल प्रदेश के गिरफ्तार किया गया था।
उत्तर प्रदेश में तीन, गुजरात, महाराष्ट्र में ठगी की एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड समेत चार राज्यों में डिजिटल अरेस्ट की शिकायतें हैं। इसमें उत्तर प्रदेश में तीन, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तराखण्ड में एक-एक शिकायतें मिली हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित राज्यों को सूचित किया गया है। शेष बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। — अपराध का तरीका पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दबाव बनाने के लिए पीड़ित को लगातार फोन किया। पीड़ित के खातों से जिन खातों में रकम भेजी गई, उन खातों से भी तत्काल दूसरे खातों में रकम डाल दी गई। इन खातों पर नैट बैंकिंग चल रही थी। अलग-अलग व्यक्तियों के नाम के बैंक खातों को प्रयोग में लाया गया। एसएसपी ने सभी से अपील की कि वो इस प्रकार के फोन कॉल से सतर्क रहें, इस प्रकार के फोन आने पर पुलिस से संपर्क करें।
