उत्तराखण्ड

टाइगर की मौत का मामला, कम उम्र में मां से बिछड़ना मौत का कारण

देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व और नरेंद्र नगर डिविजन की सीमा पर टाईगर की मौत को लेकर स्थितियां स्पष्ट होने लगी हैं। इस मामले में यह सामने आया है कि कम उम्र की बाघिन शिकार न कर पाने के कारण सरवाइव नहीं कर पाई। कम उम्र में ही अपनी मां से बिछड़ना इसकी मौत की वजह बन गया। राजाजी टाइगर रिजर्व के नजदीक कम उम्र की बाघिन का शव मिलने से हड़कंप की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में चिकित्सक पोस्टमार्टम के जरिए इसकी मौत की वजह जानने की कोशिश में जुटे हुए थे। हालांकि, अभी विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी है लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट दिख रहा है कि कम उम्र की इस बाघिन का अपनी मां से बिछड़ना इसकी मौत की वजह बना।
इसकी उम्र करीब एक से डेढ़ साल तक की ही बताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों को पहले यह जानकारी लग रही थी कि इसकी उम्र करीब 2 से ढाई साल हो सकती है। बाद में इसके शव की जांच करने पर पता चला कि इसकी उम्र इससे भी कम थी। जिसके कारण जाहिर तौर पर इसे शिकार करने में भी दिक्कत आई।
हालांकि अभी यह नहीं पता चल पाया है कि यह बाघिन राजा जी टाइगर रिजर्व से आई थी या फिर किसी दूसरी जगह से यहां तक पहुंची थी, लेकिन इतना तय है कि बेहद कम उम्र होने के कारण फिलहाल इसके लिए शिकार करना काफी मुश्किल था। कम उम्र की इस बाघिन के पेट से एक कपड़ा भी मिला है। यह माना जा रहा है कि शिकार न कर अपने और भोजन न मिलने के कारण इसने कबाड़ से इस कपड़े को ही खा लिया होगा।
वैसे करीब 1 साल की उम्र होने तक टाइगर अपनी मां के साथ रहकर शिकार के गुर सीखते हैं। युवावस्था में इस सीख की बदौलत जंगल में सरवाइव कर पाते हैं। इसकी उम्र काफी कम थी। इस दौरान इसके अपनी मां से बिछड़ जाने के चलते इसको खुद से ही जंगल में सरवाइव करना पड़ रहा था। वैसे तो अभी फिलहाल विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी है, लेकिन अभी तक की स्थिति यह दिखा रही है कि भोजन न मिलने के कारण ही इसकी मौत हुई है। इस क्षेत्र में टाइगर के भोजन के रूप में विभिन्न वन्य जीवों की अच्छी खासी संख्या है। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ रंजन कुमार मिश्रा कहते हैं कि जिस बाघिन का शव मिला है। उसके सभी अंग मौजूद हैं। यह देखा गया है कि उसके पंजे और दांत भी हेल्दी अवस्था में थे। ये काफी कम उम्र की थी। इसलिए ये जनाने की कोशिश हो रही है कि मौत की वजह क्या रही होगी।

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