उत्तराखण्ड

स्टाफ नर्सों के कार्य बहिष्कार से लड़खड़ाई अस्पतालों में व्यवस्था

पिथौरागढ़,parvatsanklp,18,08,2022

 

सीमांत में स्टाफ नर्सों के कार्य बहिष्कार से सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था लड़खड़ा गई है। पहले से ही स्टाफ की कमी से अस्पताल जूझ रहे हैं। ऐसे में स्टाफ नर्सों के कार्य बहिष्कार पर चले जाने से अस्पताल प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इमरजेंसी सेवा से लेकर ओपीडी, ऑपरेशन अब कुछ नियमित स्टाफ नर्सों के भरोसे संचालित हो रहा है। जनपद में स्टाफ नर्सें कार्य बहिष्कार जारी है। गुरुवार को संविदा एंव बेरोजगार स्टाफ नर्सों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा सरकार वर्षों से उनकी अनदेखी करती आई है।

कोविड जैसी विपरीत परिस्थतियों में भी उन्होंने अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया। बावजूद इसके सरकार ने उनकी मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा रही है। कहा जब तक सरकार वर्षवार भर्ती प्रकिया शुरू और रिक्त पदों पर विज्ञप्ति जारी नहीं कर देती वे कार्य पर नहीं लौटेंगे। जिले भर में संविदा के तहत 65 स्टाफ नर्सें विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं। एकाएक उनके कार्य बहिष्कार पर जाने से लोगों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। यहां नीलम सिंह, रेनू आर्या, नईम अंसारी, बबीता आर्या, निधि पवार, भावना जोशी, भावना आर्या, सोनू धामी, बसंती धामी, ऊषा भंडारी आदि रहीं।

Related posts

2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग फ्री तथा 2024 तक क्षय रोग मुक्त प्रदेश बनाना हमारा संकल्प:  मुख्यमंत्री  

आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा कर रहा है बीआईएस: सीएम

admin

उत्तराखण्ड में उच्च शिक्षा में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का शुभारम्भ

Leave a Comment