पर्वत संकल्प
मनोरंजन

माँ – जि. विजय कुमार,

एक  दिन  का  प्यार  नही है माँ,

हर पल हर दिन पूज्यनीय है माँ।

 

वर्ष में मात्र एक दिन मां के लिए,

यह पाश्चात्य परंपरा नहीं तो क्या,

जिस  मां  की गोद  में खेलन को,

नारायण भी नर का रूप धरते हैं,

इसीलिए नारायण से भी बड़ी है मां।

 

विश्व को हमने मातृ देवोभव: का पाठ पढ़ाया,

भारत विश्व गुरु बन विश्व में छाया,

छोड़ परायी संस्कृति सनातन अपनाओ,

रोज मां की पूजा करो हरी के गुण गाओ,

विश्व को पहला हम सिखाया मातृ देवो भवः।

– जि. विजय कुमार, हैदराबाद तेलंगाना

Related posts

पत्रकार, कवि डा.महताब आज़ाद को मिला भागीरथ सम्मान 2022

admin

नोरा फतेही ने थाम्मा से अपने अगले बॉलीवुड हिट गाने दिलबर की आँखों का टाइटल किया रिवील

admin

भारी-भरकम बजट में बनाई गई है नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म अखंड 2, बड़े स्तर पर रिलीज की तैयारी

admin

Leave a Comment